यह खबर हाल ही में (फरवरी 2026 में) अमर उजाला और अन्य मीडिया में आई है, जहां संसदीय कार्य राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) क्या है?
पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) सरकारी कर्मचारियों की एक पुरानी व्यवस्था है। इसमें रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को आखिरी सैलरी का 50% हिस्सा पेंशन के रूप में मिलता है, साथ में महंगाई भत्ता (DA) भी बढ़ता रहता है। यह तय (फिक्स्ड) पेंशन होती है, जो बाजार पर निर्भर नहीं होती।
इसके विपरीत, नई पेंशन प्रणाली (NPS) में कर्मचारी और सरकार दोनों योगदान देते हैं, और पेंशन बाजार के आधार पर मिलती है – कभी ज्यादा, कभी कम।
OPS vs NPS vs UPS: मुख्य अंतर (तालिका)
| विशेषता | पुरानी पेंशन (OPS) | नई पेंशन (NPS) | एकीकृत पेंशन (UPS – केंद्र की नई) |
|---|---|---|---|
| पेंशन की गारंटी | तय 50% सैलरी + DA | बाजार पर निर्भर, कोई गारंटी नहीं | गारंटीड न्यूनतम पेंशन |
| सरकार का योगदान | पूरा बोझ सरकार पर | कर्मचारी 10%, सरकार 14% | सरकार ज्यादा योगदान |
| लागू होने की तारीख | 1 अप्रैल 2005 से पहले जॉइन करने वालों पर | 1 अप्रैल 2005 के बाद | 1 अप्रैल 2025 से केंद्र में |
| फायदा | स्थिर आय, कोई जोखिम नहीं | निवेश से बढ़ सकती है | OPS जैसी सुरक्षा + NPS जैसी बचत |
| उत्तर प्रदेश में | कुछ कर्मचारियों को विकल्प | डिफॉल्ट | विकल्प उपलब्ध |
यह तालिका OPS, NPS और UPS के बीच आसान तुलना दिखाती है।
उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला और स्पष्टता
उत्तर प्रदेश में 28 मार्च 2005 को सरकार ने अधिसूचना जारी की थी कि 1 अप्रैल 2005 या उसके बाद जॉइन करने वाले कर्मचारी NPS में आएंगे। लेकिन अगर किसी पद का विज्ञापन 28 मार्च 2005 से पहले जारी हो चुका था, और भर्ती बाद में हुई, तो ऐसे कर्मचारियों को OPS चुनने का एक बार का विकल्प दिया गया है।
यह फैसला जून 2024 में कैबिनेट ने मंजूर किया था, और अब फरवरी 2026 में सदन में दोबारा स्पष्ट किया गया। मुख्य बातें:
- ऐसे कर्मचारियों का NPS खाता 28 फरवरी 2026 को बंद हो जाएगा (अगर उन्होंने OPS चुना है)।
- यह विकल्प राज्य सरकार के कर्मचारियों, स्वायत्त संस्थाओं और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के कर्मियों/शिक्षकों पर लागू है।
- केंद्र सरकार ने भी ऐसे मामलों में पहले ही यह सुविधा दी थी।
- अनुमान है कि इससे करीब 50 हजार कर्मचारी लाभान्वित हो सकते हैं।
कौन ले सकता है OPS का लाभ?
- जिनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 2005 या बाद में हुई, लेकिन पद का विज्ञापन 28 मार्च 2005 से पहले निकला था।
- सेवा में कोई ब्रेक (अंतराल) नहीं होना चाहिए।
- पहले से रिटायर हो चुके कर्मचारी भी लाभ ले सकते हैं, लेकिन NPS में जमा राशि ब्याज सहित वापस जमा करनी होगी (28 जून 2024 से पहले रिटायर हुए)।
- नगर निकायों के कुछ कर्मचारियों (जैसे UPPSC/UPSSSC से चयनित) को भी यह लागू हो रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह स्पष्टता?
कई कर्मचारी लंबे समय से OPS की मांग कर रहे थे क्योंकि NPS में पेंशन अनिश्चित होती है। योगी सरकार ने कोर्ट के आदेशों और कर्मचारी संगठनों की मांग पर यह कदम उठाया। लेकिन सभी को OPS नहीं मिलेगी – केवल 28 मार्च 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर।
केंद्र में OPS बहाल नहीं हो रही है, बल्कि UPS (Unified Pension Scheme) लागू है, जो OPS और NPS का मिश्रण है। कुछ राज्य OPS पर वापस गए हैं, लेकिन वित्तीय बोझ की वजह से चुनौतियां हैं।
FAQ: पुरानी पेंशन योजना से जुड़े आम सवाल
OPS चुनने की आखिरी तारीख क्या है?
विकल्प चुनने की प्रक्रिया पहले 31 अक्टूबर 2024 तक थी, लेकिन अब स्पष्टता के बाद NPS खाते 28 फरवरी 2026 को बंद होंगे। अपने विभाग से संपर्क करें।
क्या सभी सरकारी कर्मचारियों को OPS मिलेगी?
नहीं, केवल 28 मार्च 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर भर्ती हुए कर्मचारियों को। 28 मार्च 2005 के बाद विज्ञापन वाले NPS में रहेंगे।
OPS और NPS में क्या फर्क है?
OPS में पेंशन फिक्स्ड और गारंटीड होती है, जबकि NPS में बाजार के आधार पर। OPS सरकार पर पूरा बोझ डालती है।
अगर रिटायर हो चुके हैं तो क्या करें?
28 जून 2024 से पहले रिटायर हुए कर्मचारी OPS चुन सकते हैं, लेकिन NPS जमा राशि ब्याज सहित वापस जमा करनी होगी।
अधिक जानकारी कहां से लें?
उत्तर प्रदेश वित्त विभाग की वेबसाइट, लोक सेवा आयोग या अपने विभाग के HR से संपर्क करें। सरकारी शासनादेश (GO) देखें।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को लेकर सदन में दी गई स्पष्टता से हजारों कर्मचारियों को राहत मिली है। 28 मार्च 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर भर्ती हुए कर्मचारी अब OPS चुन सकते हैं, जिससे उनकी रिटायरमेंट सुरक्षित हो जाएगी। यह फैसला कर्मचारी हित में है, लेकिन वित्तीय संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। अगर आप प्रभावित हैं, तो जल्दी अपने विभाग से विकल्प चुनने की प्रक्रिया पूरी करें। अधिक अपडेट के लिए सरकारी स्रोतों पर नजर रखें। (शब्द संख्या: 752)